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12वीं के बाद आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने? - Ayurvedic Doctor Kaise Bane

12वीं के बाद आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:


12वीं में सही विषय चुनें:

  • आपको 12वीं में साइंस स्ट्रीम (PCB – Physics, Chemistry, Biology) के साथ पास करना होगा।
  • न्यूनतम 50% अंक (सामान्य वर्ग के लिए) और 40% (SC/ST/OBC के लिए) होने चाहिए।
  • कुछ संस्थानों में आयुर्वेदिक कोर्स में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए।

BAMS कोर्स में प्रवेश
:

  • आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए BAMS (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) डिग्री करें। यह 5.5 वर्ष का कोर्स है, जिसमें 4.5 वर्ष की पढ़ाई और 1 वर्ष की इंटर्नशिप शामिल होती है।
  • प्रवेश के लिए NEET (National Eligibility cum Entrance Test) क्वालिफाई करना अनिवार्य है।

NEET की तैयारी और परीक्षा
:

  • NEET की तैयारी के लिए NCERT की किताबें और कोचिंग/ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग करें।
  • NEET में अच्छा स्कोर लाकर सरकारी या निजी आयुर्वेदिक कॉलेज में दाखिला लें।
  • कट-ऑफ स्कोर कॉलेज और राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

BAMS कॉलेज का चयन
:

  • भारत में कई प्रतिष्ठित संस्थान BAMS की डिग्री प्रदान करते हैं, जैसे:
    • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी
    • आयुर्वेदिक कॉलेज, गुजरात
    • राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, कर्नाटक
  • सरकारी कॉलेज में दाखिला कम फीस और बेहतर अवसर प्रदान करता है।

कोर्स के दौरान पढ़ाई
:

  • BAMS में आयुर्वेद के सिद्धांत, औषधीय पौधे, पंचकर्मा, योग, और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के बेसिक्स पढ़ाए जाते हैं।
  • इंटर्नशिप के दौरान अस्पतालों में प्रैक्टिकल अनुभव प्राप्त करें।

रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस
:

  • BAMS पूरा करने के बाद, Central Council of Indian Medicine (CCIM) या राज्य आयुर्वेद बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराएं।
  • यह रजिस्ट्रेशन आपको आयुर्वेदिक प्रैक्टिस करने का लाइसेंस देता है।

आगे की पढ़ाई (वैकल्पिक)
:

  • विशेषज्ञता के लिए MD (Ayurveda) या MS (Ayurveda) में पोस्टग्रेजुएशन करें।
  • यह 3 साल का कोर्स है और इसके लिए अलग से प्रवेश परीक्षा देनी पड़ सकती है।

कैरियर विकल्प
:

  • निजी प्रैक्टिस शुरू करें।
  • आयुर्वेदिक अस्पतालों, क्लीनिकों, या वेलनेस सेंटर में नौकरी करें।
  • आयुर्वेदिक दवाओं की कंपनियों में रिसर्च या प्रोडक्शन में काम करें।
  • शिक्षण क्षेत्र में जाकर आयुर्वेद कॉलेजों में प्रोफेसर बनें।


महत्वपूर्ण टिप्स:


  • NEET की तैयारी के लिए समय प्रबंधन और नियमित अभ्यास जरूरी है।
  • आयुर्वेद में रुचि और धैर्य रखें, क्योंकि यह एक प्राचीन और गहन चिकित्सा पद्धति है।
  • हमेशा मान्यता प्राप्त कॉलेज चुनें, जो CCIM या AYUSH मंत्रालय से मान्यता प्राप्त हो।


यदि आपके पास कोई विशिष्ट प्रश्न है, जैसे कॉलेज चयन या NEET की तैयारी, तो बताएं, मैं और विस्तार से मार्गदर्शन कर सकता हूँ!

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